
जमशेदपुर जिन दिवंगतों के अंतिम संस्कार के बाद अस्थि विसर्जन के लिए उनके परिजन नहीं पहुंच पाए, उनके धार्मिक संस्कार की जिम्मेदारी सामाजिक संस्था धर्म रक्षिणी पुरोहित महासंघ ने उठाई। संस्थाओं की ओर से 3 अक्टूबर को साकची गांधी घाट पर सामूहिक अस्थि विसर्जन एवं तर्पण का आयोजन किया गया।
संस्था के अध्यक्ष विपिन झा ने बताया कि मोक्ष धाम में ऐसे दिवंगतों की अस्थियों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाती है, जिनके परिजन किसी कारणवश अस्थि विसर्जन के लिए नहीं पहुंच पाते हैं। इसके बाद विधि-विधान के साथ उनका सामूहिक अस्थि विसर्जन और तर्पण कराया जाता है।
धर्म रक्षिणी पुरोहित महासंघ के अध्यक्ष पंडित विपिन झा ने कहा कि जिन दिवंगतों के अपने लोग पीछे छूट गए हैं या किसी कारण से अंतिम धार्मिक संस्कार के लिए नहीं पहुंच सके, उनका विधि-विधान से संस्कार कराना समाज की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से संस्थाओं की ओर से यह पहल की जा रही है।
इस पहल का उद्देश्य उन दिवंगतों को भी धार्मिक सम्मान दिलाना है, जिनके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाने के लिए उनके परिजन मौजूद नहीं हैं। यह काम संस्था 19 सालों से करते आ रही है