
उन्होंने देश के अभिभावकों से अपील किया कि बच्चों को आंदोलन में ना भेजें। यदि बच्चे देश के आईएएस आईपीएस डॉक्टर इंजीनियर बनना चाहते हैं तो उन्हें घर में रहकर पढ़ाई करने दें।
उन्होंने कहा कि आज वह गांव के एक स्कूल से पढ़ कर देश के सांसद बने हैं और कई विदेश के सांसदों से अपने आप को कम नहीं समझते हैं। जिसके लिए वह मेहनत करते हैं और आज भी वह प्रतिदिन पढ़ाई करते हैं।
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता है। शिक्षा के क्षेत्र में कई आमूल चूल परिवर्तन किया है। इसीलिए वह किसी के दबाव में आकर इस्तीफा नहीं दिए बल्कि बच्चों के बीच में कंफ्यूजन को दूर करने के लिए उन्होंने उनके जिद को पूरा किया।