
जमशेदपुर के चर्चित डीडी बार हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। बिष्टुपुर थाना पुलिस ने इस मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए कई घातक हथियार, एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि घटना के बाद आरोपियों को फरार कराने, हथियार छिपाने और साक्ष्य मिटाने में भी इनकी भूमिका सामने आई है। फिलहाल इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 84/2026 के तहत दर्ज इस मामले में 27 जून की रात डीडी बार के अंदर हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह पर विश्वनाथ लोहरा उर्फ बोदरा और उसके साथियों ने जानलेवा हमला किया था। गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मानवीय सूचना के आधार पर लगातार छापेमारी की गई। इससे पहले इस मामले में पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने डीडी बार के मैनेजर विजय महानंद, लखिन्द्र लोहार और जगदीश मंडल उर्फ रोहन उर्फ मुर्गा को गिरफ्तार किया। जांच में खुलासा हुआ कि जगदीश मंडल ने मुख्य आरोपियों को फरार होने में मदद की, हथियार छिपाए और वाहन उपलब्ध कराया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों और विधि-विरुद्ध बालक की निशानदेही पर एक लोहे का चापड़, कुल्हाड़ी, भुजाली, बड़ा चाकू, आठ लोहे के पंच, स्टील की गुप्ती, एक हीरो मोटरसाइकिल और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।