
जमशेदपुर में ट्रैफिक जांच के दौरान कथित अवैध वसूली के दो मामलों में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो सहायक अवर निरीक्षकों (एएसआई) को निलंबित कर दिया है। दोनों मामलों की जांच ट्रैफिक डीएसपी स्तर पर कराई गई थी, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की।
पहला मामला साकची थाना क्षेत्र का है, जहां थाना गेट के पास वाहन जांच अभियान के दौरान एक चालक से कथित तौर पर अवैध वसूली की गई। आरोप है कि प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने का हवाला देकर चालक से रुपये की मांग की गई। नकद नहीं होने पर साकची ट्रैफिक थाना में पदस्थापित एएसआई शिवशंकर पासवान ने चालक से एक दुकानदार के खाते में ऑनलाइन भुगतान करवाया। यह घटना 8 मई की बताई जा रही है। शिकायत मिलने के बाद जांच हुई और आरोप सही पाए जाने पर एएसआई को निलंबित कर दिया गया।
दूसरा मामला टाटानागर रेलवे स्टेशन के समीप का है, जहां जुगसलाई ट्रैफिक थाना के एएसआई जय कुमार दास पर एक बाइक चालक से 10 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा। शिकायतकर्ता, जो जनगणना कार्य से जुड़े एक शिक्षक बताए जा रहे हैं, ने आरोप लगाया कि सभी वैध दस्तावेज दिखाने के बावजूद उन्हें काफी देर तक रोके रखा गया और बाद में जुर्माने के नाम पर बड़ी रकम मांगी गई।
मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब संजीव सरदार से फोन पर बात कराने से भी एएसआई ने इनकार कर दिया। इसके बाद विधायक स्वयं मौके पर पहुंचे थे। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद एएसआई जय कुमार दास को भी निलंबित कर दिया गया।
पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों के साथ किसी भी प्रकार की अवैध वसूली, दुर्व्यवहार या भ्रष्ट आचरण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।