
एटक के झंडे तले “टेल्को मजदूर यूनियन” का 22 बां सम्मेलन गोविंदपुर के कार्यालय में कॉम राम अयोध्या राम की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए एटक के उप – महासचिव कॉम हीरा अरकने ने अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्र की परिस्थिति पर अपने विचार रखते हुए कहा की अमेरिका के साम्राज्यवादी नीति के कारण पूरा विश्व तेल और गैस के संकट का सामना कर रहा है, रूस यूक्रेन और अमेरिका ईरान का युद्ध अविलंब समाप्त होना चाहिए।देश के अंदर केंद्र सरकार की मजदूर,किसान और आम जनता विरोधी नीतियों की कठोर आलोचना की और देश की बढ़ती मंहगाई, बेरोजगारी, शिक्षा – चिकित्सा खर्च पर गहरी चिंता व्यक्त की और मजदूरों को आगे आकर संघर्ष का आह्वाहन किया।इन्होंने आज भाजपा सरकार द्वारा लागू किए जाने वाले पूंजीपति के हित और मजदूरों को गुलाम बनाने वाले श्रम संहिता की कड़ी आलोचना कर उसे वापस लेने की मांग की और आज के दिन को मजदूरों के लिया काला दिन घोषित किया।
तत्पश्चात् महासचिव कॉम अंबुज कुमार ठाकुर ने महासचिव प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए देश की परिस्थिति से उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए कहा की आज पूरे देश में ठेका प्रथा लागू कर संगठित,असंगठित क्षेत्र, सरकारी संस्थाओं में स्थाई प्रवृति के कार्यों को ठेका प्रथा में झोंक दिया गया है।आज जो श्रम संहिता देश में लागू कर मजदूरों को गुलाम बनाने और पूंजीपतियों को खुले हाथों से शोषण का सर्टिफिकेट दे दिया।इसका संगठित विरोध करने के लिए तैयार हों।उन्होंने टेल्को मजदूर यूनियन के गौरवपूर्ण इतिहास की चर्चा करते हुये कहा की कॉल केदार दास जैसे लीडर ने इसका नेतृत्व किया।उन्होंने केंद्र सरकार के नीतियों के कारण मजदूरों के दयनीय स्थिति पर चर्चा करते हुए समान वेतन के लिए समान वेतन की मांग की।महासचिव ने वर्ष 2021से 2025 का
महासचिव प्रतिवेदन प्रस्तुत किया,जिसमे जमशेदपुर मजदूर यूनियन के क्रियाकलाप का विस्तृत वर्णन प्रस्तुत किया।इस प्रतिवेदन पर कॉम मुद्रिका सिन्हा,कॉम निगमानंद पॉल,कॉम रामजीवन कामत,कॉम विनय सिंह,कॉम श्रवण कुमार,कॉम शिवजी सिंह ने विस्तृत चर्चा की।जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
कॉम रामजीवन कामत ने 4 वर्षो का लेखा जोखा प्रस्तुत किया जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
सभा का संचालन कॉम श्रवण कुमार ने किया।
इस सम्मेलन को एआईएसएफ़ के राज्य सचिव कॉम विक्रम कुमार ,कॉम जयशंकर प्रसाद ने संबोधित किया।
टेल्को मजदूर यूनियन,के 50 से 60 मजदूर सम्मिलित हुए।
चुनाव प्रक्रिया के तहत 15 सदस्यीय कार्यकारिणी का गठन किया गया,जिसमे कॉम ओम प्रकाश सिंह,अंबुज कुमार ठाकुर,हीरा अरकने,श्रवण कुमार, रामजिवन कामत, हजारी लाल,प्रदीप सुंदरियां,जय शंकर प्रसाद, नरेन कुमार, गणेश गोप,हरविंदर सिंह, जफर खान,सोनू ठाकुर,विनय सिंह,। जिनमें से
पदाधिकारी के रूप में अध्यक्ष – कॉमओम प्रकाश सिंह उपाध्यक्ष – अंबुज कुमार ठाकुर,हीरा अरकने,श्रवण कुमार, महासचिव – कॉम राम जीवन कामत,सचिव – सोनू कुमार, कोषाध्यक्ष – जय शंकर प्रसाद सर्वसम्मति से चुने गए।
आमंत्रित सदस्य के रूप में कॉम बी एन सिंह, एस विश्वकर्मा,राजेंद्र राम,राम अयोध्या राम को नामित किया गया
टाटा मोटर्स में ठेका मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी, पीएफ, इएस आई,एवं राष्ट्रीधार्मि एवं पर्व त्योहार में कार्य पर भुगतान की जांच।
स्थाई मजदूरों केदुविधाओं की कटौती पर आंदोलन।
कनवाई चालकों के चल रहे आंदोलन को समर्थन एवं समाधान के लिए आंदोलन ।
ठेका मजदूरों को न्यूनतम वेतन 26 हजार लागू करवाने के लिए आंदोलन।
टाटा मोटर में कोरोना के समय से लंच अवर में बाहर निकलने की रोक को हटाने के लिए संघर्ष।
आने वाले दिनों में मजदूरों के टाटा मोटर्स में हित में जोरदार संघर्ष के लिए तैयार रहने के संकल्प के साथ सम्मेलन समाप्त हुआ।
