
जुस्को ऑफिस गोल चक्कर होते हुए धातकीडीह सामुदायिक मैदान में समाप्त होगा.इस संबंध में तंजीम अहले सुन्नत व जमात के द्वारा शुक्रवार को दूसरी बैठक मदरसा फैजुल उलूम में आयोजित की गई.इस बैठक में इंतजामिया के लोगों के साथ-साथ लौह नगरी के धार्मिक गुरुओं,मस्जिद के इमामो और बुद्धिजीवियों ने भारी तादाद में शिरकत.तंजीम के जनरल सेक्रेटरी प्रसिद्ध इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती जियाउल मुस्तफा कादरी ने कहा है कि इस साल पैगंबर ए इंसानियत को दुनिया में तशरीफ लाए हुए 1500 साल हो गए हैं .इसलिए भी इस साल का जश्ने ईद मिलादुन्नबी और जुलूस-ए-मोहम्मदी ऐतिहासिक होने जा रहा है.5 सितंबर 2025 शुक्रवार को ईद मिलादुन्नबी के दिन धातकीडीह की मक्का मस्जिद में शुक्रवार की नमाज की दो जमात होंगी पहली जमात दोपहर एक बजे और दूसरी जमात दोपहर 2.15 बजे.17वां मोतहदा जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल होने वाले लोगों से अपील की गई है डीजे साउंड सिस्टम को जुलूस में लेकर नहीं आए.मानगो गांधी मैदान से सुबह 8:00 बजे जुलूस निकलेगा साकची आम बागान मैदान में उलेमा ए कराम की तकरीर और दुआ होगी.वहां से 11.00 बजे जलूस साकची गोलचक्कर,स्टेट माइल रोड,जूस्को गोलचक्कर होते हुए धतकीडीह समुदायिक मैदान पहुंचेगा जहां उलेमा ए कराम की तकरीर और दुआ पर जुलूस का समापन होगा.शहर में 17वां मोतहदा जुलूस-ए-मोहम्मदी भव्य रूप में निकाला जाएगा,उस के प्रबंधन और अनुशासन और जुलूस की सफलता के लिए मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में बैठक आयोजित की जा रही है.
तंजीम के मौलाना शमशाद उल कादरी ने कहा कि छोटे ट्रक एवं मोटरसाइकिल सवार लोग जुलूस के पीछे पीछे चलेंगे.जुलूस को नियंत्रण करने के लिए धतकीडीह,जुगसलाई,आजादनगर में 500 से अधिक वॉलिंटियर को प्रशिक्षण दिया जाएगा.प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्हें सेफ्टी टी शर्ट और आईडी कार्ड प्रदान किया जाएगा.यह सभी लोग जुलूस के मार्गों पर दूसरों को तकलीफ नहीं हो इसका ख्याल रखेंगे.इस के साथ ही यातायात बहाल रखने में प्रशासन का सहयोग भी करेंगे.
तंजीम के उपाध्यक्ष मौलाना बुरहान उल हुदा ने कहा है के शहर के चौक-चौराहों पर एयर बलून लगाए जाएंगे.जुलूस-ए मोहम्मदी मैं शामिल उलेमा मानगो,साकची के नर्सिंग होम्स,टाटा मुख्य अस्पताल,मटीएमएच में भर्ती मरीजों की बेहतर स्वास्थ्य के लिए दुआ करेंगे।
इस बैठक में मुख्य रूप से मौलाना शमशाद उल कादरी,मौलाना बुरहानूल हुदा,अल्हाज अब्दुल रऊफ,
मुफ्ती अबू हुरैरा,मौलाना इरफान ताबिश, मौलाना इजहार मिस्बाही, मौलाना कलीमुद्दीन हबीबी,अल्हाज मुख्तार सफी ,माजिद अख्तर ,कारी इसाहक अंजुम,शाहिद रजा, सैयद शौकत अली, मो जावेद, मुफ्ती शमीम मिस्बाही,मुफ्ती शफाअत नूरी मुफ्ती आफताब क़ादरी, कलीम अत्तारी, हाफिज इमरान रिजवी मस्जिदों के इमाम,अध्यक्ष,सदस्य,प्रमुख बुद्धिजीवी सहित समाज के बहुत से गणमान्य लोग उपस्थित थे.

