सरायकेला जिले के झामुमो युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष भोगलू सोरेन उर्फ़ डब्बा सोरेन पर आदिवासी श्मशान भूमि के सौंदर्यीकरण में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को सैकड़ो आदिवासी महिलाओं ने जमकर विरोध- प्रदर्शन किया

आदिवासी महिलाओं का आक्रोश इस कदर भड़का हुआ नजर आया कि सभी महिलाओं ने अपने हाथों में लाठी- डंडे और झाड़ू लेकर विरोध- प्रदर्शन किया. महिलाओं का आरोप है कि झामुमो नेता उनके पारंपरिक श्मशान भूमि के सुंदरीकरण में बाधक बन रहे हैं और सरकार द्वारा पारित योजना में अड़ंगा लगा रहे हैं. महिलाओं ने साफ कर दिया कि यदि झामुमो नेता अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ जोरदार आंदोलन किया जाएगा. इस दौरान पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा और मामला थाना पहुंचा. महिलाओं ने थाने में भी जमकर बवाल काटा. इस दौरान थाने में दोनों पक्षों के बीच तू- तू में में हुई. उधर खुद पर लगे आरोपों पर झामुम युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष डब्बा सोरेन ने सिरे से खारिज किया और विरोधियों पर आदिवासी जमीन बेचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जिस नक्शा के तहत निर्माण कार्य होना चाहिए उस तरह से काम नहीं किया जा रहा है. निर्माण कार्य की आड़ में आदिवासी जमीन को बेचने का काम किया जा रहा है. अब किसके आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही पता चल सकेगा. फिलहाल आदिवासी स्मशान भूमि की जमीन को लेकर आदिवासी समुदाय का दो खेमा आमने- सामने है. एक खेमा सत्ताधारी दल का तो दूसरा खेमा बीजेपी का है.

डिम्पल लामाय (बीजेपी नेत्री)

डब्बा सोरेन (झामुमो युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष)

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