
रेल संपत्ति और यात्री सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाली रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) पर ही लूटेरों जैसा आरोप! धनबाद रेल स्टेशन के ठीक सामने मेन रोड पर सैकड़ों फुटपाथ दुकानदार रोजाना RPF के नाम पर रंगदारी न देने पर दुकान उखाड़ फेंकने की धमकी झेल रहे हैं। एक वायरल वीडियो ने इस भ्रष्टाचार की पूरी परतें उधेड़ दी हैं, लेकिन वसूली का सिलसिला अभी भी जारी है।
स्टेशन कैंपस के सामने 24×7 चाय-पान, फूल- फल, होटल से लेकर अवैध शराब की दुकानें खुली रहती हैं—सभी स्टैंडर्ड ब्रांड की। इन दुकानों पर RPF का ‘शाहाना’ राज चलता है। प्रति दिन होलशेल (थोक व्यापारी ) फूलवाले से 500 रुपये, अवैध शराब दुकानों से 500 रुपये, और छोटे-बड़े फुटपाथ स्टॉल से 200-400 रुपये वसूले जाते हैं। लगभग 200 दुकानों से रोजाना हजारों रुपये का काला धंधा!
यह पूरा वसूली सोनू नाम का एक शख्स करता है ,जो पैसे इकट्ठा कर एक ‘सफेदपोश’ को देता है। यह सफेदपोश अपना हिस्सा काटकर RPF तक पहुंचा देता है। वायरल वीडियो में सोनू ही एक दुकानदार से 200 रुपये मांगते और न देने पर दुकान तोड़ने की धमकी देते साफ दिख रहा है।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप जरूर मच गया, लेकिन अभी भी यह काला खेल बदस्तूर जारी है.गरीब दुकानदार बेबस—न रुपए दें तो दुकान गई, दें तो जेब खाली अब दुकानदार करें भी तो क्या करें जब रक्षक ही भक्षक बन जाए.
