
जमशेदपुर: पुलिस अधीक्षक ग्रामीण पूर्वी सिंहभूम को मिली गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी घाटशिला के नेतृत्व में गठित टीम ने जांच की. जांच में पाया गया कि घाटशिला थाना क्षेत्र में बेरोजगार युवाओं से नौकरी के नाम पर 25,000 रुपये लिए जा रहे थे और उन्हें नेटवर्क में जोड़ने के लिए दबाव बनाया जाता था. साथ ही युवकों के साथ मारपीट की जाती थी और उन्हें घर नहीं जाने दिया जाता था. पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशानुसार पाटशिला, बाना एवं मउभंडार ओपी क्षेत्र में संयुक्त छापामारी की गई. फर्जी कंपनी कार्यालय में कार्यरत 103 युवकों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया और एक अन्य व्यक्ति को जो युवकों के साथ मारपीट करता था, गिरफ्तार किया गया. कुल 179 युवकों- युवतियों (छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा के निवासी) को फर्जी नौकरी के नाम पर किराये के मकानों में रखा गया था, जिन्हें अब उनके घर भेजा जा रहा है. एमएस. रिया एंटरप्राइजेस, लालडीह दहीगोड़ा, थाना घाटशिला को सीज किया गया और सभी दस्तावेजों को जप्त किया गया. कांड के मुख्य सरगना राजू यादव, सुनिल यादव, राहुल रंजन, अनिल, रवि चौहान एवं अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है.
गिरफ्तार अपराधियों में रोमेन्ट कुमार, उम्र 28 वर्ष, पिता बबलु राय, पता भोलाबगान, छोटागोविन्दपुर, थाना गोविन्दपुर, जिला पूर्वी सिंहभूम, मोहन कुमार राणा, पिता गागो राणा, पता डोमचाच, शिवम कुमार सिंह, पिता सुनिल सिंह, जिला वैशाली और कुलदीप सिंह, उम्र 34 वर्ष, पिता परमजीत सिंह शामिल हैं.
