
डैम से हर सेकंड 1000 क्यूबिक पानी डिस्चार्ज किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डैम का गेट खोले जाने को लेकर डीवीसी प्रबंधन की ओर से कोडरमा जिला प्रशासन के अलावे गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और जामताड़ा जिले को अलर्ट भेजा गया है। इसके अलावे डैम के आसपास अवस्थित गांव में माइकिंग के द्वारा लोगों को डैम के किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई है। इधर, डैम का गेट खेले जाने को लेकर डीवीसी प्रबंधन और कोडरमा जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार दिखी। तिलैया डैम के हेडल इंचार्ज सैयद महताब कादरी की अगुवाई में टेक्निकल टीम लगातार डैम से प्रभावित गांव का दौरा कर रही है। बता दें कि कुछ दिन पूर्व डैम का गेट खोले जाने को लेकर टेस्ट भी किया जा चुका हैं । इधर, एतिहात के तौर पर डैम में वोटिंग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, साथ ही डैम पर लोगों की आवाजाही पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई हैं । आने वाले दिनों में बारिश की संभावनाओं को देखते हुए पानी का दबाव ज्यादा ना बने, इसी मद्देनजर डैम के गेट खोले गए हैं । हेडल इंचार्ज सैयद माहताब कादरी ने बताया कि डैम का वाटर लेवल खतरे के निशान को छू रहा था और मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में लगातार बारिश की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में वाटर डिस्चार्ज करने का निर्णय लिया गया । 1 हजार क्यूबिक हर सेकेंड पानी डिस्चार्ज के साथ तिलैया डैम में संचालित पनबिजली उत्पादन केंद्र से भी हर सेकंड 650 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा हैं ।
सैय्यद माहताब कादरी, हेडल इंचार्ज, तिलैया डैम
