
जमशेदपुर: शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार सामने आ रही सड़क दुर्घटनाओं और स्कूली वाहनों में नियमों की अनदेखी की शिकायतों के बीच ट्रैफिक विभाग ने स्कूल वैन, ऑटो और अन्य स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार ने स्पष्ट कहा है कि मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि हाल ही में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) की अध्यक्षता में स्कूली वाहन संचालकों और वाहन एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सभी संचालकों को निर्देश दिया गया कि वे सात दिनों के भीतर अपने वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों और एमवी एक्ट के नियमों के अनुरूप कर लें। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद किसी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ट्रैफिक डीएसपी ने कहा कि स्कूली वाहनों में ओवरलोडिंग एक गंभीर समस्या है। कई वाहन क्षमता से अधिक बच्चों को लेकर सड़कों पर दौड़ते हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में बच्चों की जान को खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि वाहन उतने ही बच्चों को लेकर चलेंगे, जितनी संख्या की अनुमति नियमों के तहत है। यदि किसी वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे पाए गए या अन्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ तो संबंधित चालक और वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
नीरज कुमार ने बताया कि सात दिनों की मोहलत समाप्त होने के बाद जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ), मोटर वाहन निरीक्षक (एमवीआई) और ट्रैफिक पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्कूली वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, परमिट, सुरक्षा उपकरण और बच्चों की संख्या की जांच की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों के पालन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।