
सरायकेला जिस घर में कुछ देर पहले तक 10 वर्षीय रुद्र सिंह मोदक उर्फ गोलू की चंचल आवाज गूंज रही थी, वहां शनिवार दोपहर अचानक चीख-पुकार मच गई. खेलने के दौरान गले में प्लास्टिक की रस्सी इस तरह लिपट गई कि मासूम को संभलने तक का मौका नहीं मिला. जब तक परिवार को घटना की जानकारी हुई, उसकी सांसें थम चुकी थीं. इस हृदय विदारक हादसे ने पूरे वार्ड को झकझोर कर रख दिया है.
घटना नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड संख्या 2, धर्मशाला मोड़ के समीप शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है. मृतक की पहचान तापस सिंह मोदक के पुत्र रुद्र सिंह मोदक उर्फ गोलू (10 वर्ष) के रूप में हुई है. घटना की सूचना मिलने के बाद सरायकेला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है.
जानकारी के अनुसार, गोलू शनिवार दोपहर रोज की तरह घर के बाहर खेलने निकला था. घर के अंदर उसकी दादी मौजूद थीं. कुछ समय तक जब बाहर से गोलू की आवाज नहीं आई तो दादी उसे देखने के लिए बाहर निकलीं. बाहर का दृश्य देखते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई.
गोलू जमीन पर बेसुध पड़ा था और उसके गले में कार्टून बांधने में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की रस्सी बुरी तरह लिपटी हुई थी. परिजनों के अनुसार, रस्सी के दबाव के कारण उसका दम घुट गया था.
घटना के बाद परिजन बिना देर किए गोलू को लेकर सदर अस्पताल सरायकेला पहुंचे. वहां चिकित्सकों ने बच्चे की जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. चिकित्सकों के अनुसार, गले में रस्सी का दबाव बढ़ने से दम घुटना मौत का कारण माना जा रहा है.
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना किन परिस्थितियों में हुई, इसे लेकर जानकारी जुटाई जा रही है.
गोलू दो भाइयों में सबसे छोटा था और अपने चंचल स्वभाव के कारण परिवार का दुलारा था. बताया जाता है कि उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका था. इसके बाद दादी ही उसकी देखभाल कर रही थीं. शनिवार को वही दादी घर के बाहर बेसुध पड़े अपने पोते को देखकर बदहवास हो गईं. छोटे बेटे को इस तरह अचानक खोने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. परिवार के सदस्यों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया. मोहल्ले में भी शोक की लहर है और जिसने भी घटना के बारे में सुना, वह स्तब्ध रह गया.
मृतक बच्चे का पिता तापस सिंह मोदक 2 दिन पहले दिल्ली चला गया है उसको भी इसकी सूचना दे दी गई है.
खेलते समय बच्चों के आसपास मौजूद सामान्य वस्तुएं भी किस तरह अचानक जानलेवा बन सकती हैं, गोलू की मौत इसका बेहद दर्दनाक उदाहरण है। घटना ने अभिभावकों के सामने बच्चों के खेल और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक पल पहले तक खेलता-कूदता मासूम अगले ही पल परिवार के लिए हमेशा की याद बन गया.