
जमशेदपुर, 10 सितंबर। बंगाल क्लब में गुरुवार को एटक लीगल सेल की प्रेस वार्ता हुई। इसमें मजदूरों के शोषण, असुरक्षित कार्यस्थल और औद्योगिक दुर्घटनाओं के मामलों में श्रम कानूनों के कथित उल्लंघन पर चिंता जताई गई। लीगल सेल के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप कुमार महतो ने कहा कि ठेका मजदूरों के वेतन, रोजगार रिकॉर्ड, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है।
लीगल सेल के सचिव गिरीश कुमार सिंह ने टाटा स्टील कलर्स (ब्लूस्कोप) में 21 जून को हुई दुर्घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि काम के दौरान एक ठेका मजदूर का हाथ कोहनी के नीचे से कट गया था। उन्होंने कहा कि इलाज कराना जरूरी है, लेकिन इसके साथ मजदूर को वैधानिक मुआवजा, सामाजिक सुरक्षा और पुनर्वास का अधिकार भी मिलना चाहिए।
एटक कोल्हान प्रमंडल के महासचिव अम्बुज ठाकुर ने कहा, “कानून किताब में नहीं, मजदूर के जीवन में दिखाई देना चाहिए।” उन्होंने औद्योगिक प्रतिष्ठानों और ठेका एजेंसियों के रिकॉर्ड की जांच तथा सुरक्षा मानकों के नियमित ऑडिट की मांग की।
एटक ने दुर्घटना की निष्पक्ष जांच, वैधानिक रिपोर्टिंग, सुरक्षा व्यवस्था व मशीनरी की जांच, ठेकेदार के लाइसेंस, नियुक्ति-वेतन रिकॉर्ड, ईएसआई-पीएफ, मुआवजा और मजदूर के पुनर्वास की जांच की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि उचित समाधान नहीं होने पर श्रम विभाग और न्यायिक मंचों के समक्ष कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रेस वार्ता में एटक संरक्षक बीरेंद्र कुमार सिन्हा, उप महासचिव हीरा अटकने, उपाध्यक्ष धनंजय शुक्ला, लीगल सेल उपाध्यक्ष शशि भूषण कुमार और सह सचिव सूरज कुमार उपस्थित थे।