
13 अगस्त से लापता राहुल हांसदा और तपन प्रधान की हत्या के मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों फूलचंद हांसदा और रविंद्र मार्डी को पूछताछ के बाद रविवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. एसडीपीओ अनुभव भारद्वाज ने सरना उमूल के पास दोनों युवकों के साथ मारपीट होने की पुष्टि की है. लेकिन सवाल अभी बाकी हैं. परिजनों के अनुसार तीन युवकों को अगवा किया गया था. सूरज हांसदा किसी तरह भाग निकला, जबकि राहुल और तपन की मौत हो गई. आरोप है कि उन्हें रपचा के जंगल में दफना दिया गया. बताया जा रहा है कि अपहरण में बोलेरो और स्विफ्ट कार का इस्तेमाल हुआ था. दोनों वाहन कहां हैं ? वे किसके हैं ? अपहरण में शामिल सात-आठ युवक कौन थे ? सरना उमूल जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान पर मारपीट हुई, तो वहां मौजूद लोगों को इसकी जानकारी कैसे नहीं हुई ? और अगर जानकारी थी तो पुलिस या परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी गई ? पुलिस ने एक डंडा और दो मोबाइल बरामद किए हैं. एसडीपीओ ने दो अन्य युवकों की भूमिका की भी बात कही है. अब परिजनों को सिर्फ शव नहीं, पूरा इंसाफ और हर सवाल का जवाब चाहिए. असली सवाल यही है क्या पुलिस इस पूरी घटना के हर किरदार तक पहुंचेगी ?