
जमशेदपुर के परसुडीह स्थित ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी कंपनी ब्लाइंकित के डिलीवरी पार्टनर्स पिछले तीन दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारी राइडर्स का आरोप है कि कंपनी ने उनकी सहमति के बिना पेआउट में कटौती कर दी है और डिलीवरी क्षेत्रों का पुनर्विभाजन कर दिया है, जिससे उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ा है।
राइडर्स का कहना है कि वे पिछले दो से तीन वर्षों से लगातार मेहनत कर कंपनी की सेवाओं का विस्तार करते रहे हैं, लेकिन इसके बदले उन्हें कम भुगतान मिल रहा है। उनका दावा है कि पहले दूरी के अनुसार प्रति डिलीवरी 55 से 60 रुपये तक मिलते थे, जिसे घटाकर अब 35 से 38 रुपये कर दिया गया है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और पेट्रोल की कीमतों के बीच इतनी कम राशि में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है।
प्रतिदिन 12 से 16 घंटे तक काम करते हैं। इसके बावजूद आय में लगातार कमी आने से आर्थिक संकट गहरा गया है। उनका कहना है कि वे कोई नई सुविधा नहीं मांग रहे हैं, बल्कि पहले की तरह दूरी के आधार पर उचित भुगतान चाहते हैं।
राइडर्स ने यह भी आरोप लगाया कि परसुडीह, जुगसलाई और जमशेदपुर के कई इलाकों को दूसरे जोन में शामिल कर दिए जाने से उनके नियमित ऑर्डर कम हो गए हैं। इससे करीब 150 परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है। उनका दावा है कि हड़ताल के कारण पिछले तीन दिनों से ब्लाइंकित की डिलीवरी व्यवस्था भी प्रभावित हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने कंपनी पर विरोध करने वाले राइडर्स की आईडी बंद करने की धमकी देने और करीब 200 डिलीवरी पार्टनर्स को आधिकारिक ग्रुप से हटाने का भी आरोप लगाया है। राइडर्स ने मांग की है कि उनकी समस्याओं को ब्लाइंकित के उच्च प्रबंधन तक पहुंचाया जाए और जल्द समाधान निकालकर पहले की भुगतान व्यवस्था बहाल की जाए।