
जमशेदपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय में इन दिनों मईया सम्मान योजना के सत्यापन को लेकर भारी भीड़ उमड़ रही है… लेकिन भीषण गर्मी में यह सत्यापन महिलाओं के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है।
42 से 43 डिग्री की चिलचिलाती धूप में दूर-दराज से पहुंची महिलाएं घंटों लाइन में खड़े होकर सत्यापन कराने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि तेज धूप और गर्मी की वजह से कई महिलाएं बेहोश तक हो रही हैं।
वहीं मौके पर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की कमी भी साफ नजर आई। महिलाओं के लिए ना पर्याप्त छांव की व्यवस्था की गई है और ना ही पीने के पानी की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। तपती धूप में लाइन में खड़ी महिलाएं प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताती दिखाई दीं।
महिलाओं का कहना है कि पहले योजना की राशि मिल रही थी, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भुगतान बंद हो गया है। इसी वजह से मजबूरी में उन्हें इस भीषण गर्मी में घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।
स्थिति इतनी खराब हो गई कि लाइन में खड़ी महिलाएं आपस में उलझती भी नजर आईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि सरकार और जिला प्रशासन ने सत्यापन के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं भाजपा नेता अभय चौबे ने जिला प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूरी तरह प्रशासनिक विफलता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सत्यापन के नाम पर भीषण गर्मी में परेशान किया जा रहा है, जबकि मौके पर ना पानी की व्यवस्था है और ना ही छांव की।
उन्होंने मांग की कि महिलाओं की सुविधा को देखते हुए स्थानीय नगर निकाय, नगर निगम और प्रज्ञा केंद्रों में भी सत्यापन केंद्र बनाए जाएं, ताकि दूर-दराज से आने वाली महिलाओं को राहत मिल सके और उन्हें इस भीषण गर्मी में परेशान न होना पड़े।