
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) रांची एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) जमशेदपुर के तत्वावधान में शनिवार को सिदगोड़ा टाउन हॉल, जमशेदपुर में राज्य स्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का वर्चुअल उद्घाटन झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और लोगों को विधिक सेवाओं की जानकारी देते हुए न्याय तक आसान पहुंच के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आम लोगों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक लोग लोक अदालत के माध्यम से अपने लंबित मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा करें। इससे समय और धन दोनों की बचत होती है तथा न्याय प्रक्रिया भी सरल बनती है।
राज्य स्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तिकरण शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के स्टॉल भी लगाए गए, जहां लोगों को सरकारी योजनाओं, कानूनी अधिकारों और मुफ्त विधिक सहायता से जुड़ी जानकारी दी गई। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और अपने समस्याओं के समाधान के लिए विशेषज्ञों से परामर्श प्राप्त किया।
इस मौके पर जिला प्रशासन, न्यायिक पदाधिकारी, अधिवक्ता, विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। इस तरह के शिविरों का उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक न्याय और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर उनका लाभ उठा परिसरपति का भी वितरण किया गया है
