बिंदल मॉल फायरिंग कांड का खुलासा, छत्तीसगढ़ से चार आरोपी गिरफ्तार, कार और छह मोबाइल बरामद

जमशेदपुर SIT की बड़ी कार्रवाई. रेलवे ठेकेदारी और जमीन कारोबार से जुड़े पुराने विवाद को पुलिस ने बताया वारदात की वजह. SSP डॉ. एहतेशाम वकारिब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी

जमशेदपुर: सोनारी थाना क्षेत्र के बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में 26 सितंबर को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में जमशेदपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. मामले की जांच के लिए गठित SIT ने छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मणिपुर थाना क्षेत्र से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बुधवार को एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे मामले की जानकारी दी.

गिरफ्तार आरोपियों में शंकर मुंडा, रमेश कुमार शर्मा उर्फ गुड्डू शर्मा उर्फ टीटू शर्मा, मनोज कुमार सरकार और दीप कुमार ओझा शामिल हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से भागने में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की मारुति आर्टिगा कार संख्या JH05 EA 7928 और छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
रेस्टोरेंट में हुई थी 12 राउंड फायरिंगपुलिस के अनुसार 26 सितंबर की दोपहर करीब 1.30 बजे डोमिनिक सैमसन अपने परिचित रिजवान, दिलशान उर्फ दानिश और कृष्णा चौधरी के साथ बिंदल मॉल स्थित उडुपी रेस्टोरेंट में खाना खा रहे थे. इसी दौरान तीन लोग रेस्टोरेंट के पास पहुंचे. इनमें से दो अंदर घुसे और कथित रूप से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस के मुताबिक वारदात में करीब 12 राउंड गोलियां चलाई गईं. गोली लगने से डोमिनिक सैमसन, रिजवान, दिलशान उर्फ दानिश और कृष्णा चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए. सभी को इलाज के लिए TMH में भर्ती कराया गया था. घटना के बाद सोनारी थाना कांड संख्या 80/2026, दिनांक 26 सितंबर 2026 दर्ज किया गया.
*CCTV और VIDEO FOOTAGE से आरोपियों तक पहुंची SIT

वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब के निर्देश पर SIT का गठन किया गया. एसएसपी के नेतृत्व में गठित टीम में सिटी एसपी सहित डीएसपी विधि-व्यवस्था, घाटशिला डीएसपी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-2 और विभिन्न थानों के पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया. पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज तथा अन्य वीडियो फुटेज का विश्लेषण किया. घायल डोमिनिक सैमसन के फर्द बयान और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस की जांच आगे बढ़ी.
छत्तीसगढ़ भागे चार आरोपी दबोचे गए*
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान मामले के कथित मुख्य साजिशकर्ता के रूप में शंकर मुंडा समेत अन्य लोगों की भूमिका सामने आई. पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद आरोपी झारखंड छोड़कर छत्तीसगढ़ की ओर भाग गए थे. SIT ने पीछा करते हुए छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मणिपुर थाना क्षेत्र में चारों को पकड़ लिया. वहां कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर उन्हें जमशेदपुर लाया गया.
*रेलवे ठेकेदारी और जमीन कारोबार के पुराने विवाद की जांच

पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे रेलवे ठेकेदारी और जमीन कारोबार से जुड़ी पुरानी रंजिश की बात सामने आई है. पुलिस के अनुसार इसी विवाद को लेकर आपसी रंजिश बढ़ी और घटना को अंजाम देने की साजिश रची गई. हालांकि मामले में आगे की जांच जारी है.

गिरफ्तार आरोपियों में शंकर मुंडा, रमेश कुमार शर्मा और मनोज कुमार सरकार के खिलाफ पूर्व से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है. इनमें लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े मामले शामिल हैं. पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में इन आरोपियों का विस्तृत आपराधिक इतिहास भी दर्ज किया गया है.
शूटरों की तलाश अभी जारी*

चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस की जांच समाप्त नहीं हुई है. घटना को अंजाम देने वाले अन्य आरोपियों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है. SIT यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात की साजिश में और कौन-कौन शामिल था और हथियार कहां से उपलब्ध कराए गए थे. एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब के अनुसार मामले में साक्ष्य संकलन और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है.

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