
JPSC- JSSC मामला, आज, फिर से राजधानी रांची की सड़कों पर, छात्रों का उमड़ेगा जन सैलाब छात्रों का आज होगा पैदल मार्च झारखंड के चर्चित छात्र नेता “देवेन्द्रनाथ महतो के नेतृत्व में,आज 11 सितंबर को राजधानी राँची की सड़कों पर छात्रो द्वारा निकाली जाएगी “भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा राँची के बापू वाटिका से अल्बर्ट एक्का चौक तक होगा विशाल पैदल मार्च।
बिरसा मुंडा समाधि स्थल पर अर्पित की जाएगी श्रद्धांजलि।*
24 अगस्त को दिशोम गुरु शिबु सोरेन के गांव से शुरू हुई इस, भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा की आज राजधानी रांची में होगा समापन
झारखंड में JPSC- JSSC द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनिमियत्ता , गड़बड़ियों नियुक्ति प्रक्रिया में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अगुवाई में चल रही भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा गुरुवार देर शाम राजधानी रांची पहुंची।
आज 11 सितंबर को राजधानी की सड़कों पर छात्रों का विशाल पैदल मार्च निकाला जाएगा।
कार्यक्रम की शुरुआत रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका, से होगी, जहां छात्रों का जुटान होगा। इसके बाद बापू वाटिका से करमटोली चौक, लालपुर चौक होते हुए भगवान बिरसा मुंडा के समाधिस्थल, कोकर तक पदयात्रा की जाएगी। समाधि स्थल पर भगवान बिरसा मुंडा को माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
इसके उपरांत यात्रा जेल मोड़ होते हुए राजधानी के हृदयस्थल अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचेगी। यहां छात्रों द्वारा सरकार की युवा व छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया जाएगा
इस दौरान लगभग 07 किलोमीटर की पदयात्रा कि दुरी तय की जाएगी।
भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि राज्य की भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “यह महज एक यात्रा नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के सुरक्षित भविष्य, सम्मान और अधिकार की लड़ाई है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से उठ रही युवाओं की आवाज अब राजधानी रांची में बुलंद होगी।”
बता दे कि 24 अगस्त 2026 को, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जन्मस्थली नेमरा, रामगढ़ से शुरू हुई भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा राज्य के विभिन्न 24 जिलों से होते हुए अब राजधानी रांची पहुंचकर विधिवत समापन किया जाएगा।
JPSC- JSSC द्वारा आयोजित प्रतियोगिकी परीक्षा में कथित अनिमियता और गड़बड़ियों को लेकर राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 26 दिनों तक चला छात्र आंदोलन पूरे देश में चर्चा का केंद्र बना था।
छात्र आंदोलन के बाद झारखंड सरकार के द्वारा फैसला लेते हुए 22 प्रतियोगिकी परीक्षा को रद्द करने ,6 परीक्षाओं को स्थगित करने जबकि 17 परीक्षाओं की सीआईडी जांच का आदेश दिया था।
