
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने अपनी कार्यकुशलता और प्रभावी पुलिसिंग के दम पर देश के शीर्ष 25 पुलिस अधिकारियों की सूची में स्थान बनाया है। वह इस सूची में शामिल झारखंड के एकमात्र अधिकारी बताए गए हैं। लेकिन, उनके ही जिले में पुलिसकर्मियों के व्यवहार पर लगातार उठ रहे सवाल अब पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं।
बैंक मोड़ थाना क्षेत्र में सड़क हादसे के बाद सामने आई घटना में आरोप है कि चेकिंग के दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने बाइक से जा रही एक महिला को कथित तौर पर धक्का दे दिया। धक्का लगने के बाद महिला सड़क पर गिरकर घायल हो गई। घटना के बाद महिला के बेटे और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए तथा ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक एएसआई से उलझ गए। देखते ही देखते मौके पर हंगामा शुरू हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक की स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि , महिला अपने बेटे के साथ बाइक से अपने घर की ओर जा रही थी। इसी दौरान चेकिंग कर रहे ट्रैफिक जवान ने हाथ दिया जिससे वह महिला को लगा और वह सड़क पर गिर गई। लोगों का आरोप है कि महिला के घायल होने के बाद पुलिसकर्मी के रवैये को लेकर भी नाराजगी बढ़ी। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़ लिया और उसके साथ कथित तौर पर हाथापाई की। एक युवक द्वारा उन पुलिस वाले पर हाथ उठाने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, ट्रैफिक पुलिसकर्मी ने महिला को धक्का देने के आरोप से इनकार किया है। उसका कहना है कि महिला बाइक पर जा रही थी और अचानक असंतुलित होकर सड़क पर गिर गई। पुलिसकर्मी के अनुसार, वह हादसे के बाद महिला की मदद करने के लिए मौके पर पहुंचा था। इसी दौरान उसके बेटे और राहगीर उनसे विवाद करने लगे।
हंगामे की सूचना मिलने पर स्थानीय पार्षद मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया। घायल महिला को इलाज के लिए स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला झरिया की रहने वाली बताई जा रही है। बैंक मोड़ थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सड़क हादसे और विवाद से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले गिरिडीह के नगर थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह को एक युवक की कथित पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद लाइन क्लोज किया गया था। ऐसे में धनबाद की घटना ने एक बार फिर पुलिस के व्यवहार और जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है।
एसएसपी प्रभात कुमार की कार्यकुशलता ने झारखंड का नाम देशभर में रोशन किया है। लेकिन उनके अधीन तैनात एक पुलिसकर्मी की कथित गैर-जिम्मेदाराना हरकत बाइक सवार महिला को धक्का देने के आरोप ने पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।हालांकि SSP प्रभात कुमार ने साफ़ तौर पर कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पर कार्रवाई होगी और पब्लिक को भी पुलिस पर हाथ उठाना सही नहीं है अगर पुलिस दोषी हो तो शिकायत करें कानून को हाथ में ना वरना कानूनी करवाई वैसे लोगो पर भी होगी.