
मेरे प्रिय साथियों,आज हम अपने प्रिय राष्ट्र के संविधान को अपनाने की 77वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। 1950 में इसी दिन भारत एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य बना, जो राष्ट्र के रूप में हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
आज जब हम राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं, तो हम अपने उन संस्थापक पिताओं के दूरदृष्टि और बलिदानों को नमन करते हैं जिन्होंने हमारे महान राष्ट्र को आकार दिया। उनके अथक प्रयासों ने हमें गरिमा, समानता और न्याय के साथ जीने की स्वतंत्रता दी है।
गणतंत्र दिवस हमारे राष्ट्र की शक्ति और लचीलेपन का स्मरण दिलाता है। यह हमारी विविधता, हमारी संस्कृति और हमारे संविधान में निहित मूल्यों के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का उत्सव है।
आइए हम अपने संविधान द्वारा गारंटीकृत न्याय, स्वतंत्रता और समानता के सिद्धांतों को बनाए रखने का संकल्प लें। आइए हम एक मजबूत, अधिक समृद्ध भारत के निर्माण के लिए प्रयास करें, जहां प्रत्येक नागरिक आगे बढ़ सके और अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सके।
जय हिंद जय भारत*
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कॉमरेड गौतम मुखर्जी
महासचिव SERMU
उपाध्यक्ष एआईआरएफ
