
एक वार्ता को सम्बोधित करते हुए उन्होने कहा की झारखण्ड अलग राज्य के निर्माण जिसमे वृहद झारखण्ड का सपना देखा गया था उसके आंदोलन को आगे बढ़ाने हेतु उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दिया था, झारखण्ड अलग राज्य तो बना लेकिन जिन क्षेत्रों को झारखण्ड मे शामिल करने का सपना देखा गया था वो आज भी दूसरे राज्यों का हिस्सा हैँ, उन्होने कहा की आज दीसोम गुरु सीबू सोरेन नहीं रहे लेकिन उनका सपना आज भी जीवित हैँ, अब वो समय हैँ की जब झारखण्ड के माटी के राजनितिक दलों को एक साथ आना होगा और वृहद झारखण्ड के सपने को साकार करना होगा, इसको लेकर वे झारखण्ड के तमाम मूल राजनितिक पार्टीयों से संवाद करेंगे और इस आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे.
