जमशेदपुर : लॉकडाउन के दौरान जिला कृषि विभाग को लगभग 10,000 प्रवासी मजदूरों का डाटा उपलब्ध कराया गया, मज़दूरों को कृषि कार्य में लगाकर गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना सरकार का उद्देश्य

जमशेदपुर : लॉकडाउन के दौरान जिला कृषि विभाग को लगभग 10,000 प्रवासी मजदूरों का डाटा उपलब्ध कराया गया था ताकि इन प्रवासी मज़दूरों को कृषि कार्य में लगाकर गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराना सरकार का उद्देश्य था जिसमें हजारों प्रवासी मजदूरों ने प्रगतिशील किसानों के साथ रहकर प्रशिक्षण प्राप्त कर अच्छी खेती कर रहे हैं साथ ही साथ इन किसानों को कृषि कार्य से जुड़ने के लिए कृषि विभाग द्वारा कई तरह के बीज उपलब्ध करवाए गए. आपको बता दें कि लॉकडाउन होते ही सभी प्रवासी मजदूरों का अपने-अपने गंतव्य स्थान तक पलायन शुरू हो गया था इस बीच सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि सारे प्रवासी मजदूरों को किस तरह गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाए इसको लेकर जिला कृषि पदाधिकारी के मिथिलेश कुमार कालिंदी को लगभग 10000 प्रवासी मजदूरों का डाटा उपलब्ध कराया गया था जो प्रवासी मजदूर कृषि कार्य के लिए इच्छुक थे उन्हें कृषि कार्य को लेकर प्रशिक्षण देने एवं उन्हें बीज उपलब्ध कराकर कृषि कार्य से जोड़कर स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना जिसके तहत जिला कृषि पदाधिकारी ने गांव गांव जाकर प्रवासी मजदूरों को कृषि कार्य में जोड़ने का काम किए जो आज कई हजार ऐसे प्रवासी मजदूर हैं जो गांव में ही रह कर किसी कार्य कर अच्छी फसल उत्पादन कर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं प्रवासी मजदूरों को धान, मूंग, मक्का, अरहर आदि बीज उपलब्ध कराए गए साथ ही प्रगतिशील किसानों के साथ फूल, परवल आदि की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किए ताकि आगे चलकर अच्छे किसान बन सके।

रिपोर्ट – – शिव शंकर साह, mob no – – 9113773766

मिथिलेश कुमार कालिंदी– जिला कृषि पदाधिकारी

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