मनरेगाः- मजदूरों को काम देने में मनरेगा ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, माह में 935 लाख मानव दिवस का सृजन, मानव दिवस में 42 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी

मनरेगाः- मजदूरों को काम देने में मनरेगा ने तोड़े सारे रिकॉर्ड*

*नौ माह में 935 लाख मानव दिवस का सृजन*

*मानव दिवस में 42 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी*

☆ *मनरेगा के तहत राज्य के हर इच्छुक मजदूर को काम उपलब्ध कराने का लक्ष्य*
*श्रीमती आराधना पटनायक सचिव ग्रामीण विकास विभाग*
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रांची। ग्रामीण विकास विभाग सचिवश्रीमती आराधना पटनायक की अध्यक्षता में शुक्रवार को सभी जिलों के उप विकास आयुक्तों एवं सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों के साथ मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना, की प्रगति की समीक्षा वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से की गई।
सचिव श्रीमती आराधना पटनायक ने सभी जिलों के उप विकास आयुक्तों को मनरेगा योजना अंतर्गत मानव दिवस सृजन में बढ़ोतरी हेतु बधाई दी । उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवारों को मनरेगा के तहत स्थायी आजीविका प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार ने कोरोना कालखण्ड के बावजूद अब तक सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बीते नौ माह में ही 935 लाख मानव दिवस का सृजन हो चुका है। लक्ष्य 1100 लाख मानव दिवस सृजन का है। जिसे मार्च तक प्राप्त करने का काम किया जा रहा है। अब तक कुल ग्यारह लाख 78 हजार 995 नये परिवरों को जॉबकार्ड दिया गया, जिसमें कुल 15 लाख 81 हजार 748 मजदूर शामिल हैं। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में झारखण्ड के लिए 2,74,184 लाख रूपये तथा 800 लाख मानव दिवस श्रम बजट का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
प्रवासी मजदूरों के लौटने से इस कार्यबल में और वृद्धि हुई है ।गत वर्षों में जहां औसतन लगभग डेढ़ लाख लोग प्रतिदिन कार्य करते थे वहीं राज्य सरकार के प्रयास से इस वित्तीय वर्ष में औसतन लगभग 4 लाख लोग प्रतिदिन कार्य कर रहे हैं फलस्वरूप मानव दिवस के सृजन में बढ़ोतरी हुई। वित्तीय वर्ष 2017 -18 में 592.74 लाख,2018-19 में 536.59 लाख,2019-20 में 642.01 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया था वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष में विगत 9 माह में ही 935 लाख मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है जो अब तक सबसे अधिक है। इसके पूर्व वित्तीय वर्ष 2016- 17 सुखाड़ वर्ष मैं सबसे अधिक 707 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया था। इस वित्तीय वर्ष में 1100 लाख से अधिक मानवदिवस सृजन का अनुमान है।

मनरेगा अंतर्गत जहां पूर्व के वर्षों में वित्तीय वर्ष 2017-18 में 4.59 लाख,2018-19 में 2.92लाख,वर्ष 2019-20 में 3.50 लाख नये परिवारों को जोड़ा गया है वहीं वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 11.78 लाख परिवारों को जोड़ते हुए जॉब कार्ड निर्गत किया गया जिसमें से 15.53 लाख नए मजदूरों को जोड़ा गया है। इस वित्तीय वर्ष में 27.62 लाख श्रमिकों के द्वारा योजना अंतर्गत कार्य किया गया है जो पूर्व के वर्षों से लगभग 10 लाख अधिक है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक कुल12.15 लाख योजनाओं पर कार्य प्रारंभ की गई है जिसमें से विगत 9 माह में ही3.76 लाख योजनाओं को पूर्ण कर लिया गया है जो पूर्व के वर्षो की तुलना में काफी अधिक है।

रिजेक्ट ट्रांजैक्शन कि समीक्षा करते हुए सचिव ने कहा कि मनरेगा सॉफ्ट मैं परिलक्षित प्रतिवेदन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020 -21 में कतिपय कारणों से रिजेक्ट हुए ट्रांजैक्शन में लगभग 25000 ट्रांजैक्शन का FTO सृजन नहीं हो पाया है। ससमय पुनःFTO सृजन नहीं होना मजदूरों को ससमय मजदूरी नहीं मिलने का एक मुख्य कारण है। रिजेक्ट ट्रांजैक्शन को अगले 2 दिन में शून्य कराने का निर्देश दिया गया।

*प्रतिवेदन सोशल ऑडिट एमआईएस पर अपलोड करना*

सामाजिक अंकेक्षण के दौरान उभरे मुद्दों पर कृत कार्रवाई प्रतिवेदन सोशल ऑडिट एमआईएस पर अपलोड करना होता है। और वसूली की गयी राशि और की गई कार्रवाई से अवगत कराना होता है।
अभी तक वर्ष में सोशल ऑडिट यूनिट द्वारा 80528 मुद्दे अपलोड किए गए हैं, जिससे 43329 पर करवाई प्रतिवेदन दिया गया है, राशि की वसूली की अपलोडिंग एक सप्ताह में पूर्ण करने का सचिव ने निर्देश दिया है।

सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में वित्तीय वर्ष 2020-21 में पंजीकरण और स्वीकृति में धीमी प्रगति हेतु बिंदुवार समीक्षा भी की और वित्तीय वर्ष 2019-20 में लंबित आवास को पूरा करने का निर्देश दिया गया।
सचिव ने 3 दिनों के अन्दर सभी योग्य लाभुकों को आवास हेतु पंजीकृत कर स्वीकृत करवाने और प्रतिदिन डिले आवास अधिकाधिक पूर्ण करवाने का निदेश दिया। साथ ही उन्होंने सभी अयोग्य लाभुकों को रिमाण्ड मॉड्यूल के तहत विलोपित करने हेतु प्रस्ताव 2 दिनों के अंदर भेजने को कहा।

इसी क्रम में सचिव ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्देशित किया गया कि किये जा रहे सभी कार्यों का धरातल पर उचित अनुश्रवण/पर्यवेक्षण आवश्यक है। ताकि कहीं भी गड़बड़ी की शिकायत ना आए। उन्होंने सभी प्रखण्ड के वरीय पदाधिकारियों एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारियों को सभी एक्टिव साईट व मनरेगा के तहत किये जा रहे कार्यों का निरन्तर अनुश्रवण करने हेतु निदेशित किया। उन्होंने कहा कि आमजनों के हित के लिए संचालित योजनाओं को धरातल पर सफल बनाना हमारा मुख्य उद्देश्य है। इसके लिए सभी अधिकारियों को सक्रिय रूप से प्रयासरत रहने हेतु निर्देश दिए गए। सचिव द्वारा सभी उप विकास आयुक्तों को सप्ताह में 2 दिन क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं का औचक निरीक्षण का निर्देश दिया ताकि वास्तविकता जान सके तथा कमियां पायी जाए उसका समाधान भी कर सके।

*वीडियो कांफ्रेंसिंग में ये थे शामिल*
मनरेगा योजना की प्रगति की समीक्षात्मक बैठक को लेकर ग्रामीण विकास विभाग सचिव श्रीमती आराधना पटनायक की अध्यक्षता में राज्य के तमाम उप विकास आयुक्त संग संपन्न वीडियो कांफ्रेंसिंग में श्री सिद्धार्थ त्रिपाठी मनरेगा आयुक्त,व अन्य शामिल थे।

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