Jamshedpur : दुर्गा पूजा को लेकर डीसी-एसएसपी ने जारी किया दिशा निर्देश, क्या करना है और क्या नही करना जानने के लिये पढ़े पूरी खबर

Chamakta Bharat : उपायुक्त सह ज़िला दंडाधिकारी की अध्यक्षता में दुर्गा पूजा के दौरान विधि व्यवस्था के लिए बैठक आयोजित की गई. जहाँ आम जनता के लिए पूजा का आयोजन नहीं बल्कि धार्मिक रीति रिवाज के निर्वहन के लिए इस वर्ष पूजा का आयोजन किया जा रहा है, जिला प्रशासन नया तय किया है कि निर्धारित समय के अंदर ही विसर्जन करना होगा सूर्यास्त के पश्चात विसर्जन की अनुमति नहीं दी जाएगी. सभी थाना प्रभारी दिन में दो बार प्रत्येक पूजा पंडाल का निरीक्षण सुनिश्चित करेंगे, पूजा स्थल में 7 से अधिक लोगो के रहने की अनुमति नही दी गई है. जहाँ उपायुक्त ने पूजा कमिटी एवं शांति समिति के साथ बैठक कर सरकार के दिशा निर्देशों से अवगत कराने एवं अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिया है.

समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सूरज कुमार की अध्यक्षता में दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था के संधारण के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस के पदाधिकारियों के साथ बैठक आहूत किया गया. बैठक में उपायुक्त ने दुर्गा पूजा को लेकर सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का अनुपालन कराते हुए भीड़-भाड़ नहीं लगाने, अपराध पर निगरानी रखने, लॉ एण्ड ऑर्डर का विशेष ध्यान देने, पूजा के दौरान भारी वाहनों का शहरी क्षेत्र में समय निर्धारित कर प्रवेश कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर इस वर्ष पूजा का आयोजन धार्मिक रीति रिवाजों के निर्वहन को लेकर किया जा रहा है, ऐसे में आम लोगों की भागीदारी नहीं होनी चाहिए.

राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में निम्नांकित निर्देश दिए गए –

  • दुर्गा पूजा का त्यौहार छोटे पंडाल/मंडप में पारंपरिक रूप से मनाएं, जनता की सहभागिता के बिना मनाएं, आयोजक के अतिरिक्त अन्य व्यक्ति पूजा पंडाल में भीड़ ना लगायें, आम जनता अपने घर में दुर्गा पूजा का त्यौहार मनायें।
  • दुर्गा पूजा पंडाल को सुरक्षा के दृष्टिकोण से चारों तरफ से घिरा रहना आवश्यक है।
  • दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण कोई थीम पर आधारित नहीं होगा।
  • दुर्गा पूजा पंडाल के आसपास के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का लाइटिंग, डेकोरेशन वर्जित है।
  • दुर्गा पूजा पंडाल के क्षेत्र में स्वागत द्वार अथवा तोरण द्वार के निर्माण की अनुमति नहीं होगी।
  • मूर्ति स्थान को छोड़कर पूजा पंडाल का पूरा क्षेत्र हवादार होना आवश्यक होगा।
  • मां दुर्गा की प्रतिमा 4 फीट से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • सार्वजनिक उद्घोषणा (माइक से पब्लिक का संबोधन) प्रणाली का उपयोग वर्जित होगा।
  • दुर्गा पूजा के अवसर पर किसी भी तरह का मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा।
  • दुर्गा पूजा पंडाल के पूरे क्षेत्र में खाने-पीने के सामान का स्टॉल, ठेला-खोमचा लगाने की अनुमति नहीं है।
  • दुर्गा पूजा पंडाल में आयोजकों, पुजारियों एवं पंडाल के सदस्य कर्मियों की एक समय में 7 से अधिक की संख्या की अनुमति नहीं है।
  • मूर्ति विसर्जन का जुलूस की अनुमति नहीं है। विसर्जन हेतु जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थल पर यह मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा।
  • पूजा पंडाल के पूरे क्षेत्र में संगीत का कोई मनोरंजक, सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं किया जा सकता है।
  • सामुदायिक भोज, प्रसाद, भोग आदि के वितरण की अनुमति नहीं है।
  • पूजा आयोजन समिति अथवा आयोजकों के द्वारा किसी भी प्रकार का आमंत्रण नहीं दिया जाएगा।
  • पूजा पंडाल के उद्घाटन हेतु जन समारोह या कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं है।
  • सार्वजनिक स्थलों पर गरबा, डांडिया कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति नहीं है।
  • रावण पुतला दहन कार्यक्रम की अनुमति नहीं है।
  • सार्वजनिक स्थलों पर चेहरे पर फेस कवर अथवा मास्क पहनना अनिवार्य होगा।
  • सार्वजनिक स्थलों पर स्वयं प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम 2 गज या 6 फीट की दूरी बनाए रखना अनिवार्य हैं।
  • पूजा पंडाल में उपस्थित होने वाले लोगों को कोविड-19 के प्रोटोकॉल यथा सामाजिक दूरी, मास्क का उपयोग, स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन के संबंध में केंद्र राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्गत निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा।
  • पूजा पंडाल के आयोजकों को सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा लागू किए जाने वाले सभी निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।

बैठक में उपायुक्त ने राज्य सरकार द्वारा दिए गए उपरोक्त दिशा निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया. साथ ही बताया कि उक्त दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित दुर्गापूजा पंडाल के अध्यक्ष/सचिव के विरूद्ध सुसंगत धाराओं के तहत् विधि सम्मत कार्रवाई किया जाएगा. पंडाल में कतार बद्ध होने की व्यवस्था, बुजुर्ग, बच्चे व बीमार लोगों को पंडाल आने की अनुमति नहीं होगी. किसी भी सोसायटी या सार्वजनिक स्थानों में किसी तरह के धार्मिक/सांस्कृतिक आयोजन की अनुमति नहीं होगी.

वरीय पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी थाना प्रभारी दिन में दो बार सभी पूजा पंडालों का निरीक्षण सुनिश्चित करेंगे. उन्होने पूजा पंडाल के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग के अनुपालन हेतु निशान बनाने, गाड़ी का पार्किंग दूर रखने एवं दर्शन करने आ रहे लोगों को फुटवेयर गाड़ी में ही रखने का निर्देश दिया है. पंडाल के अंदर एवं बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिए. साथ ही पंडाल के बाहर थर्मल स्कैनर, सैनिटाइजर तथा अन्य सुरक्षात्मक उपायों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिया गया. वरीय पुलिस अधीक्षक ने अवैध शराब निर्माण एवं बिक्री के विरूद्ध सघन छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया. वहीं सभी थाना प्रभारी को निदेशित किया गया कि पंडाल वैसे जगह में बनाने की अनुमति दें जहां दमकल एवं एंबुलेंस की सीधी पहुंच सुनिश्चित हो सके.

बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. एम तमिल वणन, एसडीएम धालभूम श्री नितीश कुमार सिंह, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर श्री नंदकिशोर लाल, निदेशक डीआरडीए श्री सौरव कुमार सिन्हा, एसडीएम घाटशिला श्री सत्यवीर रजक, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री रोहित कुमार, तीनों नगर निकाय के विशेष/कार्यपालक पदाधिकारी, सभी पुलिस उपाधीक्षक, शहरी क्षेत्र के थाना प्रभारी, इंसिडेंट कमांडर उपस्थित थे.

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