गोवा क्रांति दिवस के दिन तीन देशों के बुद्धिजीवी लोग होंगे शामिल, दो दिवसीय कार्यक्रम गोवा में

1510 से शुरू हुआ पुर्तगाली शासन गोवा के लोगों को 451 सालों तक झेलना पड़ा, 1961 में 19 दिसंबर को उन्हें आज़ादी मिली यानी भारत के आज़ाद होने के करीब साढ़े 14 साल बाद और इस आजादी में सबसे बड़ा नाम राम मनोहर लोहिया की थी, जिन्होंने 1946 से आज़ादी की अलख गोवा की गर्मियों में जलाई थी, वहीं जमशेदपुर आए राम मनोहर लोहिया रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष अभिषेक रंजन ने बताया कि 18 जून 2021 को गोवा क्रांति दिवस के दिन हमारी संस्था द्वारा गोवा में एक कार्यक्रम रखा जाएगा जिसमें भारत, बांग्लादेश और नेपाल से स्कॉलर्स और बुद्धिजीवी लोग शामिल होंगे, उनका कहना है कि वे इस कार्यक्रम को दिल्ली में भी रख सकते थे लेकिन गोवा मे करने का मुख्य उद्देश्य लोगो को गोवा के बारे में बताना है, किस तरह गोवा की आजादी हुई, लड़ाई में कौन कौन थे, आदि ।

अभिषेक रंजन, अध्यक्ष, राम मनोहर लोहिया रिसर्च फाउंडेशन

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