पोटका : बांस की वस्तुएं बनाकर बेचने वाले परिवारों की लॉकडाउन में संकट बढ़ी, 30 से 40 किलोमीटर दूर से ला रहे बांस

पोटका : बांस की वस्तुएं बनाकर बेचने वाले परिवारों के लिए लॉकडाउन काफी संकट भरा रहा । बाजार बंद होने से अपनी बांस से तैयार सामानों को नहीं बेच पाए, वहीं दूसरी ओर अब कुछ-कुछ बाजार सोशल डिस्टेंसिंग के साथ खुलने लगे हैं मगर इनकी मेहनत के अनुसार उनके वस्तुओं का मूल्य नहीं मिल पा रहा है जिसके कारण यह परिवार काफी चिंतित है ।

आपको बता दें कि पोटका में कई गांव ऐसे हैं जहां रहने वाले हरिजन परिवार बांस की वस्तुएं बना कर जैसे टोकरी, कुर्ला, खाकी, डिलि आदि वस्तुएं बना कर अपना जीवन यापन करते हैं मगर लॉक डाउन होते ही सारे बाजार बंद हो गए, रोजगार के साधन बंद हो गए जिसके कारण इन परिवारों की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी हैz वहीं अब कुछ-कुछ बाजार खुलने लगे हैं इसका भी प्रभाव इन पर पड़ रहा है कि 30 से 40 किलोमीटर दूर से बाँस लाते हैं उसे बनाकर बाजार बेचते हैं लेकिन मेहनत के अनुसार इनको मूल्य नहीं मिल पा रहा है जिसके कारण यह परिवार काफी चिंतित है और इनका कहना है कि सरकार की ओर से हमें रोजगार के प्रशिक्षण नहीं दिए गए पारंपरिक तरीके से ही हम लोग बना रहे हैं । जिसके कारण संकट के इस घड़ी में अपने आप को असहाय महसूस कर रहे है ।

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